DPRO full form in hindi 2023|DPRO क्या होता है|DPRO Full Form क्या है

DPRO शब्द के बारे में आपने पहले सुना होगा पर क्या आप जानते हैं कि DPRO full form in hindi क्या है और इसका काम क्या होता है, DPRO full form in hindi से संबंधित जानकारी जानने के लिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।

DPRO full form in hindi क्या होता है?|DPRO Full Form क्या है

DPRO की फुल फॉर्म District Public Relation Officer (डिस्ट्रिक्ट पब्लिक रिलेशन ऑफिसर) होती है।

DPRO क्या है?|DPRO क्या होता है

हिंदी में DPRO को जिला जनसंपर्क अधिकारी के नाम से जाना जाता है। DPRO को जिला पंचायती राज अधिकारी के नाम से भी संबोधित किया जाता है। DPRO पद काफी प्रतिष्ठित पद होता है और इसमें काफी महत्वपूर्ण कार्य भी किए जाते हैं। जैसा कि हम सब इसके फुल फॉर्म से समझ सकते हैं कि यह पद शासन और जनता के बीच एक सेतु कार्य करता है जिससे दोनों के बीच संपर्क बना रहे और कार्य सफलता से होता रहें।

डीपीआरओ एक मुख्य अधिकारी होता है जिस व्यवस्था में ग्रामीण लोगों को लोकतंत्र में शामिल करने का कार्य किया जाता है। ग्रामीण लोगों को लोकतंत्र में शामिल करने की इसी व्यवस्था का कार्य डीपीआरओ करता है। प्रत्येक जिले में  जिला पंचायत राज अधिकारी का कार्यालय होता है। यह वह अधिकारी होते हैं जो ऊपर से आने वाले आदेशों और निर्देशों को ग्रामीण लोगों तक पहुंचाने का काम करते हैं। और यह देखते हैं कि आदेशों का सही तरह से पालन किया जा रहा है या नहीं।

कैसे बन सकते हैं DPRO अधिकारी?

  • आपकी जानकारी के लिए बता दे कि जिला पंचायती राज अधिकारी की पोस्ट के लिए 50% भर्ती प्रमोशन के द्वारा और बाकी 50% सीधी भर्ती संबंधित राज्य के पंचायती राज विभाग की कॉंपिटेटिव एग्जाम द्वारा की जाती है।
  • ऐक्सटेंशन ऑफिसर्स, डिविजिनल पंचायत ऑफिसर्स और असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट पंचायती राज ऑफिसर्स को प्रमोशन के आधार पर जिला पंचायती राज ऑफिसर्स के पद पर नियुक्ति मिलती है ।
  • उम्मीदवारो के प्रदर्शन के आधार पर इन पदों पर सीधी भर्ती लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के लिए की जाती है।

क्या चयन प्रक्रिया है DPRO के लिए?

उम्मीदवारों का चयन  डीपीआरओ के पद के लिए एक लिखित परीक्षा और एक मौखिक परीक्षा को आयोजित किया जाता हैं। बता दे कि लिखित परीक्षा 800 अंकों की वस्तुनिष्ठ प्रकार की परीक्षा होगी। सफल उम्मीदवारों को 100 अंकों की मौखिक परीक्षा के लिए बुलाया जाता हैं। पद पर नियुक्ति के लिए तीन चरण होतें हैं।

लिखित परीक्षा: चयन प्रक्रिया के चरण एक भाग के रूप में, पंजीकृत उम्मीदवारों को बीपीएससी डीपीआरओ लिखित परीक्षा देनी जरूरी होती है। लिखित परीक्षा 800 अंक होगें और इसमें वस्तुनिष्ठ प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं। जो उम्मीदवार उत्तीर्ण हो जाएंगे उन्हें मौखिक परीक्षा/साक्षात्कार दौर के लिए आमंत्रित किया जाता हैं।

मौखिक परीक्षण/साक्षात्कार: बीपीएससी डीपीआरओ मौखिक परीक्षण/साक्षात्कार दौर 100 अंकों का होता है। चरण 1 से चयनित उम्मीदवारों को उनके व्यावहारिक कौशल का परीक्षण किया जाएगा। जो उम्मीदवार दोनों चरणों में उत्तीर्ण हो जाएंगे, उन्हें अंतिम चयन के लिए बुलाया जाएगा।

DPRO के लिए Qualification क्या होती हैं?

  • जिला पंचायती राज अधिकारी के पद के लिये आपके पास मान्यता प्राप्त विश्वविध्यालय या संस्थान से ग्रेजुयेट की डिग्री होना आवश्यक होता है।
  • अगर किसी उम्मीदवार के पास लाँ में डिग्री या सोशल सर्विस में पोस्ट ग्रेजुयेट डिग्री है, उन्हे नियुक्ति के दौरान पहले प्राथमिकता प्रदान की जाती है ।

कितनी सैलरी होती हैं डीपीआरओ की?

जिला पंचायत राज अधिकारी या डिस्ट्रिक्ट पंचायत राज ऑफिसर की सैलरी 15600-39100 रूपये प्रतिमाह होती है। साथ ही ग्रेड पे पर 5400 रूपये वेतन दिया जाता है। वेतन के साथ ही महंगाई भत्ता, आवास भत्ता, यात्रा भत्ता आदि भत्ते दिए जाते हैं।

DPRO की Age Limit कितनी होती हैं?

चलिए अब जानते हैं कि डीपीआरओ की एज लिमिट कितनी होनी चाहिए। बता दे कि डीपीआरओ के पद के लिए उम्मीदवार की 21 साल से 27 वर्ष तक होनी आवश्यक होती है। साथ ही सरकार द्वारा रिजर्व उम्मीदवारो को उम्र सीमा में छूट देने का प्रवधान है।

कौन आयोजित करता हैं DPRO परीक्षा को?

लोक सेवा आयोग द्वारा  DPRO की पोस्ट के चयनित राज्य के आयोजित सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से परीक्षा को आयोजित किया जाता है। राज्य हर साल विज्ञापन के लोक सेवा परीक्षा के लिये आयोग द्वारा निकाला जाता है।

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