BDO Full Form In Hindi,BDO कैसे बने,bdo Salary in 2023,Full Form, Qualification

जैसा की हम सब जानते हैं कि आजकल के समय में सरकारी नौकरी पाना हर कोई चाहता है। हर कोई सरकारी नौकरी की चाह में लंबे समय तक तैयारी करते हैं और अपने सपने को पूरा करते हैं। इन्ही नौकरियों में से एक होती है bdo की नौकरी। क्या आप जानते हैं bdo full form in hindi क्या होती हैं। और इसी की फुल फॉर्म जानने के लिए आज हम आपके लिए इस आर्टिकल को लेकर आए हैं, जिसमें आज हम आपको बताएंगे bdo full form in hindi के बारे में, इस विषय से संबंधित सभी जानकारी के लिए इस आर्टिकल को अंत तक जरूर पढ़ें।

BDO Full Form In Hindi

बीडीओ की फुल फॉर्म खंड विकास अधिकारी होती है। हिंदी भाषा में, बीडीओ के फुल फॉर्म “ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर” या फिर “विकास खंड अधिकारी” कहते है। हालांकि अंग्रेजी भाषा मे BDO का फुल फॉर्म “Block Development Officer” होता है। BDO एक अधिकारी होता है जिसको किसी एक ब्लॉक की गतिविधियों की देखरेख और विकास को बढ़ाने के लिए पद प्रदान किया जाता है।

ऐसे बनें BDO ऑफिसर 

BDO ऑफिसर बनने के लिए कुछ स्टेप निर्धारित किए गए हैं, जिनके बारे में आपको नीचे बताया गया है।

  • सबसे पहले आपको बीडीओ ऑफिसर बनने के लिए ग्रेजुएशन को पास करना जरूरी होता हैं।
  • बाद में आपको राज्य लोक सेवा आयोग (PSC) द्वारा आयोगित प्रशासनिक सेवा परीक्षा के लिए आवेदन करना होगा।
  • सभी राज्य लोक सेवा आयोग प्रति वर्ष सिविल सेवा परीक्षा के लिए सूचना निकालती है।
  • फिर आपको सिविल सर्विस एग्जाम के लिए आवेदन करना होगा।
  • बाद में BDO ऑफिसर पोस्ट की भर्ती के लिए आपको पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा तीन चरणों में परीक्षा आयोजित की जाती हैं-प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार।
  • आवेदक के लिए तीनों परीक्षाओं को उत्तीर्ण करना आवश्यक होगा।
  • परीक्षा पास करने के बाद मेरिट लिस्ट जारी की जाती है।
  • जिन उम्मीदवारों का नाम मेरिट में होता है, उनका चयन BDO ऑफिसर के लिए किया जाता है।

BDO ऑफिसर की परीक्षा

BDO ऑफिसर की परीक्षा को मुख्य तीन चरणों में विभाजित किया गया है, जिस के बारे में आपको नीचे दिया गया है।

प्रारंभिक परीक्षा: लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा में उम्मीदवार के आवेदन करने के बाद उन्हें सबसे पहले प्रारंभित परीक्षा के दौर से होकर गुजरना पड़ता है। इस परीक्षा में दो पेपर शामिल होते हैं और हर कैंडिडेट को दोनों परीक्षा को खत्म करने के लिए 2 घंटे का समय प्रदान किया जाता है। दोनों परीक्षा में से पहले पेपर General Studies का होता है। जिसमें 150 प्रश्न पूछे जाते हैं और यह सभी प्रश्न 200 नंबर के होते हैं। और वही दूसरे पेपर में Social Studies से रिलेटेड 100 प्रश्न पूछे जाते हैं और वह 100 प्रश्न 200 नंबर के होते हैं।

मुख्य परीक्षा: जिन कैंडीडेट्स का चयन प्रारंभिक परीक्षा से हो जाता है। उन्हें बाद में मुख्य परीक्षा में सम्मिलित किया जाता है। बता दे कि इस परीक्षा में उम्मीदवार को दो Optional Subject का चयन करना होता है। उम्मीदवार द्वारा चुने गए 2 Optional Subject में से परीक्षा में चार पेपर होते हैं। प्रश्न पत्र में सामान्य हिंदी और निबंध के लिए दोनों में 150 अंकों के दो प्रश्न पत्र और सामान्य अध्ययन में भी दो पेपर दोनों 200 अंकों के पूछे जाते हैं।

साक्षात्कार: सबसे अंतिम चरण में साक्षात्कार को शामिल किया जाता है। जिन उम्मीदवार को मुख्य परीक्षा में पास कर दिया जाता है, उन्हें साक्षात्कार के लिए बुलाया जाता है। जिसमें कैंडिडेट से सवाल जवाब किए जाते हैं और उन सवाल जवाब के सही उत्तर देने के बाद में उन्हें अंक दिए जाते हैं। अंत में मेरिट लिस्ट निकल जाती है और मेरिट लिस्ट के अनुसार ही कैंडिडेट को BDO ऑफिसर के पद पर नियुक्ति मिलती है।

BDO बनने के लिए उम्र सीमा

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि OBC श्रेणी का छात्र 21 वर्ष से लेकर 43 वर्ष तक बीडीओ का एग्जाम देने के लिए योग्य होता है। और SC/ST श्रेणी के उम्मीदवार को 21 से 45 वर्ष तक इस पद के लिए योग्य माना जाता है।

BDO की सैलरी

भारत में वेतनमान के अनुसार एक BDO का औसत वेतन 9,300 रुपये से 34,800 रुपये प्रति माह होता है। BDO का ग्रेड पे 4800 रुपये को होता है।

BDO के लिए योग्यता

उम्मीदवारों को परीक्षा के तहत प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा एवं इंटरव्यू राउंड को क्लियर करना होता है। इस बात का ध्यान दें कि राज्य सेवा परीक्षाओं के लिए आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का ग्रेजुएट होना जरूरी होता हैं। यदि आप भी बीडीओ बनना चाहते हैं, तो BA, BSC, बीकॉम, बीटेक जैसे कोर्स कर सकते हैं।

Also read:

Leave a comment